सर्कस के हाथी की सच्ची कहानी | A Best Story In Hindi With Moral

पूरी उम्र गुलाम बने रहने से अच्छा है की, आप अपनी आजादी के लिए लड़ते हुए मर जाओ।


बॉब मार्ले

वास्तविक जीवन पर आधारित यह प्रेरणादायक कहानी आपके जीवन व सोचने के नजरिये को बदल सकती है। आप एक महिला है या पुरुष, यह हिंदी कहानी आपके लिए एक जीवन बदलने वाली कहानी साबित हो सकती है।

आपको इस ‘Motivational Story In Hindi With Moral‘ से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और आप अपनी जिन्दगी के प्रति Motivate व Inspire हो जाओगे।

‘CIRCUS ELEPHANT’ A STORY IN HINDI WITH MORAL

‘सर्कस का हाथी’ एक प्रेरणादायक कहानी | Best Story In Hindi With Moral

सर्कस के हाथी की प्रेरणादायक कहानी बच्चों के लिए

एक बार एक शहर में एक सर्कस आया हुआ था। जब एक व्यक्ति उस सर्कस के शिविर के किनारे से गुजर रहा था तो उसने देखा कि हाथियों को किसी पिंजरे या बाड़े में नहीं रखा गया था। बल्कि एक पतली सी रस्सी की मदद से उनके पैर को एक खूंटी से बांधा गया था।

यह देखकर वह व्यक्ति अचंभित रह गया। उसने देखा कि इस पतली सी रस्सी को तो यह हाथी बड़ी आसानी से तोड़ सकते हैं और इस शिविर से बचकर भाग सकते हैं।

अपनी इस बात का जवाब जानने के लिए वह व्यक्ति वहीं पास में बैठे एक ट्रेनर के पास गया, जो वही कुर्सी पर बैठा कुछ सोच रहा था। उस व्यक्ति ने उस ट्रेनर से कहा “केवल एक चीज जो इन हाथियों को शिविर से भागने से रोक रही है, वह है उनके पैर में बंधी एक पतली सी रस्सी। क्या कभी इन हाथियों ने इस रस्सी को तोड़ने और इस शिविर से बचकर भागने के लिए अपनी ताकत का इस्तेमाल नहीं किया। जबकि वे इस पतली सी रस्सी को आसानी से तोड़ सकते हैं और इस शिविर से बचकर भाग सकते हैं।

जवाब में ट्रेनर ने उस व्यक्ति को बताया कि “जब यह हाथी छोटे होते हैं, तो हम इन हाथियों को बांधने के लिए इसी रस्सी का प्रयोग करते हैं, जिस रस्सी से अब इन्हें बांधा गया है। उस उम्र में इन हाथियों को बांधने के लिए यह पतली रस्सी ही काफी होती है। बचपन में जब यह हाथी इस पतली रस्सी को तोड़ने की कोशिश करते हैं तो यह पतली रस्सी भी उनसे नहीं टूट पाती।

जैसे-जैसे ये बड़े होते हैं तो उनका यह विश्वास भी दृढ़ हो जाता है कि वे इस रस्सी को तोड़ नहीं सकते वे और बडे़ होने के बाद उनका यह विश्वास की है पतली रस्सी अब भी उन्हें बांधकर रख सकती है, कायम रहता है। रस्सी ना तोड़ पाने का उनका यह विश्वास उन्हें मुक्त नहीं होने देता और इसलिए ये कभी रस्सी तोड़ने की कोशिश भी नहीं करते।”

इसलिए हाथियों के मुक्त होने और उस शिविर से ना भाग पाने का एकमात्र कारण यही था कि समय के साथ उन हाथियों ने इस बात को मान लिया था कि इस पतली रस्सी को तोड़ना उनके लिए संभव नहीं है।

What You Learn From This Stroy In Hindi With Moral ?

इस शिक्षाप्रद छोटी सी कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है -:

“इस कहानी की तरह ही हमने भी अपने आप को बहुत सारी ऐसी रस्सीयों में जकड़ लिया है, जिन्हें तोड़ना बहुत आसान है। लेकिन हम सर्कस के उन हाथियों की तरह हो गए हैं जो यह समझते हैं कि इन्हें तोड़ना असंभव है।”

‘सर्कस का हाथी’ एक प्रेरणादायक कहानी | Best Story In Hindi With Moral

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