अमीर कैसे बने | Secret Of Millionaire Mind Book Summary In Hindi

सबसे शक्तिशाली सम्पति जो हम सभी के पास है वह है हमारा दिमाग।

अगर इसे सही से प्रशिक्षित किया जाए तो यह पल भर में अपार दौलत पैदा कर सकता है।

@successmatters

दोस्तों अगर आप भी जानना चाहते ही की अमीर कैसे बने और आपसे अलग अमीर लोग ऐसा क्या सोचते है, जो आप नहीं सोचते, तो यह बुक समरी ‘Secret Of Millionaire Mind Book In Hindi’ इसी विषय पर आधारित है, की इंसान सिर्फ़ सोच कर ही अमीर कैसे बन सकता है।

Secrets of the Millionaire Mind Book के लेखक T Harv Eker के जीवन के अनुभवों पर आधारित यह Book Summary in Hindi, आपके जीवन व सोचने के नजरिये को बदल सकती है। आप चाहे किसी भी पृष्ठभूमि से हो यह Secrets of the Millionaire Mind Book Summary in Hindi आपके लिए एक Life Changing Book Summary साबित हो सकती है।

इस Secret Of Millionaire Mind Book In Hindi में आप जानेंगे की केवल अपनी सोच को बदल कर ही आप अमीर व्यक्ति कैसे बन सकते है। आपको T Harv Eker की इस बेस्टसेलिंग बुकSecret Of Millionaire Mind’ से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और आप अपनी जिन्दगी के प्रति Motivate Inspire हो जाओगे।

Secret Of Millionaire Mind Book Summary In Hindi

Secret Of Millionaire Mind Book Summary In Hindi

करोड़पति दिमाग का रहस्य | जानिए अमीर लोग क्या सोचते हैं

अमीर बनने का एक रहस्य है जो हमें वित्तीय रूप से मजबूत बनाता है। लगभग हर अमीर आदमी को इसके बारे में पता है और इसी रहस्य की वजह से ही वे अमीर बने हैं। इसी रहस्य को आपको भी अपने लक्ष्य को हासिल करने में प्रयोग करना चाहिए ताकि आप भी इन लोगों की तरह सफल हो सकें। यह रहस्य हर व्यक्ति और वस्तु पर लागू होता है।

अगर आप इस रहस्य को अपनाकर अपने सोचने के तरीके में परिवर्तन कर लेते हैं तो आप भी वह सब कुछ हासिल कर सकते हैं जो एक अमीर व्यक्ति हासिल कर सकता है। फिर यह बात मायने नहीं रखती की वह धन दौलत है, शोहरत है, प्यार है या अन्य कोई भी वस्तु।

यह रहस्य मैं आपको टी हारव एकर ( T Harv Eker ) की बेस्ट सेलर बुक सीक्रेट ऑफ द मिलेनियर माइंड से बता रहा हूं। टी हारव एकर ( T Harv Eker ) एक कनाडाई उद्योगपति, एक सफल लेखक और एक मोटिवेशनल स्पीकर हैं । उन्होंने अपनी इस बुक secret of the millionaire mind में इस रहस्य से संबंधित एक फार्मूला बताया है।

इस फार्मूले के अनुसार-:
( T>F>A= R ) T- Thoughts ( विचार ) > F- Feelings ( भावनाएं ) > A- Action ( कार्य ), > R- Results ( परिणाम )।    

आपके विचार आपको भावनाओं को प्रभावित करते है। आपकी भावनाएं आपके एक्शन यानी कार्यों को प्रभावित करती है और आप जैसे कार्य करते हैं आपको वैसे ही परिणाम मिलते हैं।

Thoughts lead to feelings. Feelings lead to action. And action lead to results.

मतलब जब किसी व्यक्ति या वस्तु के लिए हमारे मन में आने वाले विचारों में परिवर्तन आता है तो धीरे धीरे उनके प्रति हमारी भावनाएं भी बदलने लगती है। जिसका सीधा असर हमारे एक्शन यानी कार्यों पर पड़ता है। जब किसी विशेष भावना के वशीभूत होकर हम कोई कार्य करते है तो हमें वैसे ही परिणाम भी मिलते है।

यही फॉर्मूला इस पूरी बुक समरी का निचोड़ है। अगर आप इस बात जो समझ गए तो आप यह बुक समरी लिखने के असली उद्देश्य तक पहुंच पाओगे।

टी हार्व एकर ( T Harv Eker ) ने अपनी सीक्रेट ऑफ़ मिलियनेयर माइंड बुक ( Secrets of the Millionaire Mind Book Summary in Hindi ) में प्रकटन की प्रक्रिया ( Process of Menifestation ) का जिक्र किया है। इस प्रक्रिया के अनुसार जब हम किसी भी विषय से संबंधित अपने विचारों में बदलाव कर लेते हैं तो उस विषय से संबंधित हमारी भावनाएं भी बदलने लगती है।

चाहे यह विषय कोई वस्तु या कोई व्यक्ति ही क्यों ना हो। हमारी भावनाएं ही हमारे कार्य करने के तरीके को प्रभावित करती हैं। इस तरह हमारे कार्य करने के तरीके ( Action ) में भी बदलाव आने लगता है। जिसके कारण हमारे कार्य से मिलने वाले परिणाम भी बदल जाते हैं।

आपको पता होगा कि अच्छी भावना से किए गए कार्य हमेशा अच्छे परिणाम लाते हैं। जबकि बुरी भावना से किए गए कार्य हमेशा बुरे परिणाम लाते हैं। इस तरह से जिस भावना से प्रेरित होकर हम कार्य करते हैं उसी के अनुरूप हमें परिणाम मिलना तय है।

लेखक T Harv Eker कहते हैं कि “if you want to change the fruits, you will first have to change the roots

“मतलब यह है कि यदि आप पेड़ के फल में बदलाव करना चाहते हैं तो सबसे पहले उसकी जड़ को बदलना होगा। यानी आप जिस तरह का फल चाहते हैं आपको उसी अनुरूप पेड़ भी लगाना होगा। यदि आप पीपल का पेड़ लगाए, और इससे यह उम्मीद करें कि आपको आम मिले।

तो यह कैसे संभव हो सकता है। यहां लेखक टी हार्व एकर का बीज से अभिप्राय हमारे विचारों से है और फल से अभिप्राय उन विचारों से मिलने वाले परिणामों से है। यानी जिस तरह के विचारों को अपने दिमाग में रखेंगे हम वैसे ही बन जाएंगे।”

“इसका मतलब है कि यदि आप उस चीज को बदलना चाहते हैं जो हमारे सामने है तो सबसे पहले उन चीजों को बदलना होगा जो हमारे सामने नहीं है। यानी परिणाम जो हमारे सामने हैं उनको बदलने के लिए हमें अपने सोचने के तरीके को बदलना होगा। जब हम अपने सोचने के तरीके को बदल देंगे तो अपने कार्य से मिलने वाले परिणाम को भी बदल देंगे।”

If you want to change the visible, you will first have to change the invisible

अगर आप बाहर से यह दिखाते है की आप अमीर है, अमीरों जैसे कपडे भी पहन लेते है और इसके अलावा वह सब कर लेते है जो अमीर व्यक्ति करते है, लेकिन अंदर से आपके विचार गरीबों वाले ही है तो आप कभी भी अमीर नहीं बन पाएंगे। यानि आपको अमीर बनने के लिए अपने विचारों को बदलना पड़ेगा।

जब आप मन से यह मान लोगे की आप अमीर है तो ही आप अमीर बन पाएंगे। हमारे सब कॉन्सियस माइंड ( Sub – Conscious Mind ) में इतनी ताकत है की यह जिस चीज का यकीन कर लेता है तो यह उसे हासिल भी कर लेता है।

इसलिए हमें अमीर बनने की अपनी इस बात को अपने सब कॉन्सियस माइंड तक पहुंचाने की ज़रूरत है और इसका एक ही तरीका है आत्म – सुझाव। यानि अपने दिमाग़ को बार बार यह संदेश भेजना की आप अमीर है। अपने दिमाग़ में बार बार यह बात दोहराओ की मैं अमीर हूँ। इसके अलावा आप जैसा बनना चाहते है वैसे ही आप अपने दिमाग को बार बार सन्देश भेज सकते हैं।

जब आप आत्म सुझाव के इस तरीक़े को अपनाकर अमीर बनने के अपने रास्ते पर आगे बढ़ते है तो आपको बार बार अपने दिमाग़ को यह यकीन दिलाना है की आप अमीर है, आपके पास वह सारी चीजें अभी मौजूद है जो आपको चाहिए। आपको वह सब काम करना होगा जो अमीर करते है जैसे की उनकी तरह व्यवहार करना, अमीरी का नाटक करना और अमीरों की तरह बात करना।

शुरू में यह थोड़ा मुश्किल लग सकता है और आपको दिमाग आपको बार बार यह कहेगा की यह झूठ है। लेकिन जब बार बार आप अपने दिमाग को यह मैसेज देते रहोगे की मैं अमीर हूँ, मैं अमीर हूँ तो कुछ समय बाद हमारा दिमाग़ भी इस बात को सच मान लेता है और वह इस बात को दिमाग के सब कॉन्ससियस वाले हिस्से में भेज देता है, जो हमें चाहिए।

शायद आपको ये सब बातें सुनकर थोड़ा अज़ीब लगे, लेकिन यह सच है की हमारा सब कॉन्ससियस दिमाग उन बातों को चमत्कार की तरह पूरा कर देता है, जिन्हे हम सच मन लेते है। शायद आपको इस बात पर इसलिए यकीन न हो क्योंकि आपने इसे पहली बार सुना है और यह बात आपकी ज्ञान की सीमाओं से बाहर की बात हो। लेकिन इस दुनिया में ऐसी बहुत सी बातें है जिनका हमें अभी तक पता नहीं है।

जिस तरह से ग्रेविटी या प्रकृति का अन्य और कोई सिद्धांत काम करता है वैसे ही यह सिद्धांत भी काम करता है। चाहे हमे इसका पता हो या ना हो। जब न्यूटन द्वारा ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज की गई तो सिद्धांत तो पहले से ही काम कर रहा था। लेकिन ग्रेविटी के इस सिद्धांत की खोज के बाद बहुत से आविष्कार हुए और उनमें इस सिद्धांत का उपयोग किया गया।

इसीलिए अमीर बनने का यह सिद्धांत भी पहले से ही है। आप चाहे इस बात पर यकीन करो या न करो यह सिद्धांत तो अपना काम करता रहेगा। लेकिन अगर हम इस सिद्धांत को जानकर इसका अच्छे के लिए उपयोग करते है तो सही है नहीं तो जैसे यह अमीर बनने के लिए काम करता है वैसे ही यह ग़रीब बनने के लिए भी काम करता है।

जैसे यदि हम बार बार अपने आप से यह कहते रहेंगे की मैं ग़रीब हूँ, मैं यह नहीं कर सकता, मैं दुखी हूँ, मुझसे कोई प्यार नहीं करता, या अन्य और कुछ। तो भी यह सिद्धांत वैसे ही काम करता है जैसे अमीर बनने के लिए कर रहा था। यानि जब बार बार ये नकारात्मक सन्देश आप अपने दिमाग़ को देते रहेंगे तो वह उन्हें ही सच मान लेगा और उसी अनुसार कार्य करके आपको वैसे ही परिणाम देगा।

इस बात को सुनकर शायद आप इस बात का अंदाजा लगा सके की दुनिया में अधिकतर लोग ग़रीबी और बदहाली में क्यों जीते है, जबकि दुनिया में बहुत काम लोग ऐसे है जो इस सिद्धांत को अपनाकर अमीर बन जाते है।

यह सिद्धांत सिर्फ़ अमीर बनने के लिए ही काम नहीं करता बल्कि हर उस चीज के लिए काम करता है जिसकी आप चाहत रखते है जैसे यदि आपको प्यार चाहिए तो यह आपको प्यार देगा, यदि आपको शोहरत चाहिए तो यह आपको शोहरत देगा, अगर आपको धन दौलत चाहिए तो यह आपको धन दौलत देगा।

बस आपको जो भी चाहिए आप इससे मांगिये। तभी तो आपने देखा होगा की अमीर व्यक्ति अपने जीवन के किसी एक ही पहलू में समृद्ध नहीं होते बल्कि जीवन के हर पहलू में समृद्ध होते है जैसे की अमीरी, पारिवारिक संबंध, सामाजिक संबंध आदि।

यह पढ़ने के बाद आप कह सकते हैं कि यदि बस अपनी सोच बदलने मात्र से ही यदि कोई अमीर आदमी बन सकता तो आज दुनिया का हर व्यक्ति अमीर बन जाता या फिर हर व्यक्ति सफल हो जाता, जो ऐसा करना चाहता है। तो इसके लिए लेखक कहते हैं कि यह इतना आसान नहीं है कि हमनें आज ही पढ़ा और आज से ही अपनी सोच बदल देंगे।

बल्कि कुछ बातें हमारे जहन में अंदर तक बैठी होती है जिनको हम इतनी आसानी से नहीं बदल सकते। लेकिन यह इतना मुश्किल भी नहीं है कि आप इसे ना कर पाएं। जैसे कि हम सभी ने अपने बचपन में पैसों से संबंधित कुछ वाक्य बहुत बार सुने होते हैं जैसे कि हर आदमी अमीर नहीं बन सकता या पैसे पेड़ पर नहीं लगते या उतने पैर पसारिए जितनी चादर है।

या फिर आपके माता पिता से आपने अक्सर यह कहते सुना होगा कि यह खरीदने की हमारी औकात नहीं है या हम इसे नहीं खरीद सकते। यह सब सुनते सुनते हमारी सोच भी पैसे के मामले में वैसे ही बन गई है। पैसे के मामले में हमारी प्रोग्रामिंग जाने अनजाने बहुत गलत तरीके से कर दी गई है।

हमारा दिमाग़ उसी तरह से काम करता है जैसे एक कंप्यूटर। एक कंप्यूटर में जिस तरह से सॉफ्टवेयर की प्रोग्रामिंग कर दी जाती है, तो वह उस सॉफ्टवेयर के अनुसार ही कार्य करता है। उसी तरह से पैसे के मामले में हमारी सोच की प्रोग्रामिंग भी कर दी गई है। हम पैसों को बुरा समझते हैं या फिर पैसों के बारे में बात करने वालों को लालची समझते हैं। लेखक कहते हैं कि पैसों के मामले में हमारे विचार 3 तरीकों से प्रभावित हो सकते हैं।

पैसों के मामले में हमारे विचार 3 तरीकों से प्रभावित हो सकते हैं।

Secret Of Millionaire Mind Book Summary In Hindi

1. बचपन की कोई विशेष घटना।

कई बार हमारे बचपन में पैसे से संबंधित कोई ऐसी विशेष घटना हुई होती है, जिसकी वजह से हम अपने विचार उस विशेष घटना से जोड़ लेते हैं और उसी के अनुसार अपने विचारों को जन्म देते हैं। हो सकता है कि आपने बचपन में पैसे की कमी के कारण कोई बहुत बड़ी समस्या का सामना किया हो और उस घटना के निशान आपके दिमाग पर बने रह गए हैं और घटना के बाद से ही पैसे संबंधित आपके विचार बदल गए हैं।  

2. जो हम बचपन में बार-बार सुनते हैं।

बचपन में बार-बार सुनने वाली बात को हम सच मान लेते हैं और हमारे विचार भी उसी के चारों ओर घूमने लगते हैं। शायद आपने अपने बचपन में बार-बार सुनना पड़ा हो कि हम गरीब हैं, हम इसे नहीं खरीद सकते या फिर इसे खरीदने की हमारी औकात नहीं है या फिर पैसे पेड़ पर नहीं उगते या और भी बहुत कुछ। पैसों से संबंधित बार-बार यही वाक्य सुनते रहने की वजह से आपके दिमाग ने इन विचारों को सच मान लिया हो।

3. अपने आसपास के लोगों का अनुसरण करके। 

हम अपने बचपन में अपने आस-पड़ोस में जिस तरह से व्यक्तियों को व्यवहार करते, अपने दैनिक कार्य करते हुए और एक सामान्य जीवन जीते हुए देखते हैं तो हम उन्हीं की तरह दिखना, उन्हीं की तरह व्यवहार करना और उन्हीं की तरह सोचना शुरू कर देते हैं।

हम अपने आसपास लोगों को सुबह 9 बजे से शाम के 5 बजे तक जॉब करते देखते हैं, एक छोटी गाड़ी में घूमते हुए देखते हैं, एक छोटे से घर में रहते हुए देखते हैं। हम देखते है कि पड़ोस के वर्मा जी का लड़का MBA कर रहा है, तो हम भी अपने बच्चे को MBA करा देते है, शर्मा जी की लड़की डॉक्टरी कर रही है तो हम भी अपनी बेटी को डॉक्टरी करा देते हैं।

इस कारण हम अपने सपनों को भी वहीं तक सीमित कर लेते हैं। हम सोचते हैं कि एक छोटा सा घर हो, एक छोटी सी गाड़ी हो, नौ से पांच जॉब हो तो बस सब अच्छा हो जाएगा। उसके बाद आराम ही आराम होगा और जिंदगी की भागदौड़ बंद हो जाएगी। जबकि यह सच नहीं है। ऐसा कुछ भी होने वाला नहीं है।

आप कह सकते हैं कि अगर अब हमारी प्रोग्रामिंग हो चुकी है तो इसे कैसे बदला जाए और सोचने की प्रक्रिया में बदलाव करके अमीर आदमी कैसे बना जाए। इस पर लेखक ने बहुत सारे उदाहरण दिए हैं, जिनकी मदद से कोई भी व्यक्ति एक अमीर और एक गरीब की सोचने की प्रक्रिया में अंतर को समझ कर व इन्हे अपना कर अमीर बन सकता है।   

एक गरीब और अमीर की सोच में क्या अंतर हैं।

Secret Of Millionaire Mind Book Summary In Hindi

1. किस्मत के भरोसे ना बैठें। 

इनमें सबसे पहला अंतर यह है कि एक अमीर या सफल व्यक्ति अपना भविष्य खुद बनाता है। वह यह सब अपनी मेहनत व लगन के बल पर करता है। जबकि दूसरी तरफ एक गरीब व्यक्ति सिर्फ किस्मत के भरोसे बैठा रहता है। वह सोचता है कि यदि यह मेरी किस्मत में होगा तो मुझे मिल ही जाएगा और यह साबित होता है इस बात से कि एक गरीब आदमी ही सबसे ज्यादा लॉटरी की टिकट खरीदता है।

वह सोचता है कि एक दिन मेरी किस्मत बदलेगी और मैं अमीर आदमी बन जाऊंगा। जबकि सच यह है कि इस तरह के व्यक्ति कभी भी अमीर नहीं बन सकते और मान लो अगर इनकी लॉटरी लग भी जाती है तो यह दोबारा से गरीब हो जाएंगे। क्योंकि इन्होंने अपने सोचने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया होता है।

इसका एक उदाहरण है माइक टायसन जो बचपन में बहुत गरीब थे और कई बार जेल जा चुके थे। फिर वह एक व्यवसायिक बॉक्सर बने और करोड़ों रुपए कमाए। लेकिन कुछ समय बाद ही वे दोबारा गरीब हो गए और उनके सिर पर करोड़ों रुपए का कर्ज भी हो गया और पैसा ना दे पाने की वजह से उन्होंने दोबारा जेल जाना पड़ा।

2. अपनी सोच को हमेशा बड़ा रखें।

लेखक एक अमीर एक गरीब व्यक्ति के सोचने की प्रक्रिया में दूसरा अंतर यह बताते हैं कि अमीर व्यक्ति बड़ा सोचते हैं। उनके सपने बड़े होते हैं। जबकि एक गरीब व्यक्ति बहुत छोटे सपने देखता है। इसलिए वह कभी अमीर नहीं बन पाता। लेखक के बहुत सारे रिटेल स्टोर्स हैं यह रिटेल स्टोर शुरू करने से पहले ही उनकी यह योजना थी कि वह 100 से अधिक रिटेल स्टोर्स खोलेंगे।

जबकि उनकी एक प्रतिद्वंदी जो उनके बराबर ही सक्षम व समझदार थी। उसने सोचा था कि वह अपना एक ही सफल स्टोर खोलेगी। कुछ समय बाद हुआ भी यही कि लेखक 100 से अधिक सफल स्टोर चलाने में कामयाब हुए। जबकि उनकी प्रतिद्वंदी एक ही सफल स्टोर चला रही थी। इसलिए लेखक कहते हैं कि आप को अमीर आदमी बनने के लिए अपनी सोच को भी बड़ा करना पड़ेगा और अगर आप कुछ सीमित स्तर तक ही सोचते रहेंगे तो आप कभी अमीर नहीं बन पाएंगे।

यदि आप चादर से बाहर पैर पसारना चाहते हैं लेकिन आप की चादर छोटी है तो अपने लिए नई चादर खरीद लीजिए।

If you want to spread your feet out of the sheet but your bed sheet is small, then buy a new sheet for yourself.

3. अपने से ज्यादा सफल लोगों का अनुसरण करें। 

लेखक एक अमीर व्यक्ति व एक गरीब व्यक्ति के सोचने के तरीके में तीसरा अंतर यह बताते हैं कि एक अमीर व्यक्ति या एक सफल व्यक्ति अपने जैसे दूसरे सफल व्यक्तियों का अनुसरण करता है, उनसे प्रोत्साहित होता रहता है। उनसे वह कला सीखता है जिसकी वजह से वे सफल बने हैं तथा उनकी कार्य योजनाओं का अनुसरण करता है।

जबकि एक गरीब व्यक्ति सफल व्यक्तियों से चिढ़ता है। उन्हें लालची समझता है और उनसे नफरत करता है। उनके तरीकों का कभी अनुसरण नहीं करता। इसलिए हमेशा गरीब बना रहता है। लेखक ने दोनों ही जिंदगियों को जिया है। वो बचपन से अमीर नहीं थे। वे बताते हैं कि कोई भी व्यक्ति गरीब से अमीर या फिर अमीर से गरीब बनता है तो इसका एकमात्र कारण उसके सोचने का तरीका है। वह जिस तरह की सोच को अपनाता है। वह वैसा ही बन जाता है। पैसा किसी को अच्छा या बुरा नहीं बनाता। हम जैसे हैं वैसे ही रहते हैं।

4. नकारात्मक सोच वाले लोगों की संगति से बचे। 

लेखक T Harv Eker एक अमीर या एक गरीब व्यक्ति के सोचने के तरीके में चौथा अंतर यह बताते हैं कि अमीर व्यक्ति सकारात्मक विचारों वाले व्यक्तियों के साथ रहना पसंद करते हैं। उनसे हमेशा प्रेरणा लेता रहता हैं।

जबकि एक गरीब व्यक्ति हमेशा उन व्यक्तियों के साथ रहना पसंद करता है जो हमेशा नकारात्मक सोचते हैं। अगर आप उनके सामने अपनी किसी कार्य योजना का जिक्र भी करते हैं। तो वे कहते हैं कि, अरे यार! छोड़ ना। यह सब करके तू कौन सा अंबानी बन जाएगा।

जब हमें अपनी किसी कार्य योजना की शुरुआत में ही इस तरह के हतोत्साहित करने वाले शब्द सुनने को मिल जाते हैं। तो आप सोच सकते हैं कि आप कहां तक पहुंच पाएंगे। जबकि एक सफल या अमीर व्यक्ति हमेशा अपने जैसे सफल व्यक्तियों को प्रोत्साहित करता रहता है।

यदि आप ऐसे किसी सकारात्मक सोच वाले अपने मित्र से कहेंगे कि मैं अपनी जिंदगी में यह बनना चाहता हूं या फिर मैं यह काम करना चाहता हूं। तो वह कहेगा बहुत अच्छी बात है। तुम बिल्कुल यह कर सकते हो। तुम मैं बहुत क्षमता है और इसी तरह के अन्य सकारात्मक विचारों से आपको प्रोत्साहित करता रहेगा और आपका आत्मविश्वास दोगुना हो जाएगा।

आपको पता होगा कि हमारे विचार उन 5 लोगों के विचारों का मिश्रण होते हैं जिनके साथ हम अपना सबसे ज्यादा वक्त गुजारते हैं। लेखक कहते हैं कि जब हम नकारात्मक लोगों से मिलेंगे तो उनके नकारात्मक विचारों से हमारे सोचने की प्रक्रिया भी नकारात्मक हो जाएगी और नकारात्मक भावनाएं हमारे मन में घर कर लेंगी। फलस्वरुप हम जो भी कार्य करेंगे वह नकारात्मक परिणाम ही देंगे।      

तो अपने विचारों को बदलने के लिए सबसे पहले अपनी संगति को बदलें और जब हमारी संगति बदल जाएगी तो हमारे सोचने की प्रक्रिया भी बदल जाएगी, जो की एकमात्र जरिया है, हमारे अमीर या सफल होने का।

अपनी संगति बदलिए। जरूरी नहीं है कि यह सिर्फ व्यक्तियों के रूप में हो। बल्कि यह किताबों, मैगजीन, ब्लॉग, ऑॅडियोबुक या वीडियोस के रूप में भी हो सकती है। इसलिए हो सके तो आप लाइब्रेरी जाएं। सफल व्यक्तियों द्वारा लिखी किताबें पढ़ें। उनकी जीवनी पढें या फिर उनके जीवन से संबंधित ऑडियोबुक या वीडियोस देखें ।

सफल लोगों से मिलें। उनसे बात करें। उनकी बात को ध्यान से सुने। उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे में जानें तथा अपनी योजनाओं के बारे में भी उन्हें बताएं और अपनी योजना के बारे में उनसे कोई महत्वपूर्ण टिप्स लें। उनसे उनकी राय जानें।

जब आप सफल व्यक्तियों के विचारों को बार-बार सुनते हैं या पढ़ते हैं। उनकी जीवनी से खुद को प्रेरित करते हैं तो आप अपने सफल होने के अवसरों को बहुत तेज गति से बड़ा लेते हैं। आपके सफल होने की संभावनाएं दोगुनी हो जाती हैं। इसलिए असफल लोगों का अनुसरण करने की बजाय सफल लोगों के सफल विचारों का अनुसरण करें।

एक अमीर और गरीब के बीच की 17 आदतें।

T Harv Eker के अनुसार हमारा दिमाग एक फाइल स्टोरेज से ज्यादा कुछ नहीं है। जिस तरह से एक कंप्यूटर की हार्ड डिस्क में फाइलें स्टोर होती है उसी तरह से हमारे दिमाग में भी विभिन्न तरह की फाइल स्टोर होती है, जो हमारी यादों, हमारे अनुभवों, और दूसरों के द्वारा कही गई बातों के रूप में होती है। 

जब भी हमारे सामने कोई भी परिस्थिति या समस्या आती है तो हम उसके समाधान के लिए अपने दिमाग के पास जाते हैं और हमारा दिमाग उसमें रखी फाइलों यानी हमारी यादों, हमारे अनुभवों के आधार पर हमें सर्वश्रेष्ठ उत्तर देता है।

 यह उत्तर हमारे दिमाग के हिसाब से सर्वश्रेष्ठ उत्तर हो सकता है लेकिन जरूरी नहीं है कि वह उत्तर सही हो। हम अभी तक अपने दिमाग के हिसाब से सर्वश्रेष्ठ निर्णय लेते आए हैं। लेकिन उसके बाद भी अगर हम कामयाब नहीं है, दौलतमंद नहीं है, या खुश नहीं है तो इसका सीधा सा मतलब यह है कि हमारा दिमाग हमें हमारी समस्याओं का सही समाधान नहीं बता रहा है। 

या हो सकता है की हमारे दिमाग में रखी हुई फाइलें सही ना हो या फिर वे वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार अपडेटेड ना हो। इसलिए इन फाइलों को बदलने की सख्त जरूरत है। अपने दिमाग की पुरानी फाइलों को बदलकर उनकी जगह नई फाइलों को स्टोर करने की जरूरत है। जिस तरह से कंप्यूटर में पुरानी फाइलों को डिलीट करके नई फाइलें इंस्टॉल की जाती है। ताकि हमारा कंप्यूटर सही प्रकार से कार्य कर सकें।

इस किताब में इस किताब में T Harv Eker ने दौलत की 17 फाइलों के बारे में बताया है जो हमारे सोचने के पुराने तरीकों को बदल देंगी। T Harv Eker के अनुसार यदि आप अपने सोचने के पुराने तरीकों को अपनाते रहते हैं, उन्ही के अनुसार निर्णय लेते रहते हैं और नए परिणामों की उम्मीद करते हैं तो यह सब व्यर्थ है।

क्योंकि यदि हम अपने सोचने के पुराने तरीकों से काम करते हैं तो हमें इस रिजल्ट भी वही मिलेंगे जो हमें पहले मिलते आ रहे हैं। इसीलिए हमें नए परिणामों के लिए सोचने के नए तरीके अपनाने होंगे।

1. अमीर लोग यह विश्वास करते हैं कि वह अपनी जिंदगी खुद बनाते हैं। जबकि गरीब लोग मानते हैं कि उनका जीवन किस्मत के आधार पर चल रहा है और जो उनकी किस्मत में होगा वही मिलेगा। आप अपनी परिस्थितियों के लिए दूसरों को दोष ना दें, शिकायतें ना करें। अपनी परिस्थितियों के लिए आप खुद जिम्मेवार है, कोई दूसरा नहीं। इसलिए उन्हें बदलने के लिए आप ही कुछ कर सकते हैं, कोई दूसरा नहीं। भाग्य के भरोसे ना बैठे।

2. अमीर लोगों का लक्ष्य बहुत सारा पैसा कमाना होता है। थोड़ा पैसा नहीं, बल्कि ढेर सारा पैसा। जबकि गरीब लोगों का लक्ष्य बस इतना पैसा कमाना होता है कि जिससे उनकी जिंदगी कट सके और उनके बिल भरे जा सके। आप हमेशा वही पाते हैं जिसे पाने का सच्चा इरादा रखते हैं। अगर आप बड़ा लक्ष्य रखते हैं, तो कई छोटे-छोटे लक्ष्यों को तो आप बड़ी आसानी से हासिल कर लेते हैं।

3. अमीर लोग अमीर बनने के लिए पूरी तरह से समर्पित होते हैं। जबकि गरीब लोग सिर्फ अमीर बनना चाहते हैं। अमीर लोग पूरी तरह से स्पष्ट होते हैं कि उन्हें अमीर बनना है। उनकी इच्छा अटल होती है। वह अमीर बनने के लिए हर वह काम करने को तैयार रहते हैं जो कानूनी रूप से सही, नैतिक और उचित हो। 

जबकि एक गरीब व्यक्ति अमीर तो बनना चाहता है लेकिन सिर्फ किस्मत के भरोसे। वह अमीर बनने के लिए ऐसा कोई काम करने को तैयार नहीं है, जो अमीर बनने के लिए उसे करना चाहिए। इसलिए अगर आप सचमुच अमीर बनना चाहते हैं तो आपको अपने दिल की गहराइयों में यह विश्वास करना होगा कि आप अमीर बन सकते हैं और आप इसके हकदार हैं।

4. अमीर लोग हमेशा बड़ा सोचते हैं। जबकि गरीब लोग हमेशा छोटा सोचते हैं। अमीर लोग हमेशा ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ जुड़ना चाहते हैं। अपने बिजनेस के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना चाहते हैं। अमीर लोगों का मिशन ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपने नैसर्गिक गुणों का लाभ पहुंचाना होता है। 

जबकि दूसरी तरफ गरीब लोगों का सामाजिक दायरा बहुत छोटा होता है। उनके सामाजिक पहचान के दायरे में उसके परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और उनके कुछ दोस्त आते हैं। वह ज्यादा लोगों के साथ जुड़ना, जान पहचान बनाना पसंद नहीं करते। 

इसलिए अगर आप भी अमीर बनना चाहते हैं तो आपको ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ जुड़ना होगा। अपने नैसर्गिक गुणों का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना होगा।

5. अमीर लोग हमेशा अवसरों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। जबकि गरीब लोग हमेशा बाधाओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं। अमीर लोग उन चीजों पर फोकस करते हैं जिन्हें वे चाहते हैं। जबकि गरीब लोग हमेशा उन चीजों के बारे में सोचते रहते हैं जिन्हें वे नहीं चाहते। 

ब्रह्मांड का यह नियम भी है कि हम जिस चीज पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं वही हमें मिलती जाती है। इसलिए हमेशा अवसरों पर ध्यान केंद्रित करें। अच्छी चीजों के बारे में सोचें और अच्छे परिणामों की उम्मीद करें।

6. अमीर लोग दूसरे कामयाब व अमीर लोगों की प्रशंसा करते हैं। जबकि गरीब लोग अमीरों व कामयाब लोगों की बुराई करते हैं और उनसे नफरत करते हैं। एक बात सोचें कि अगर आप किसी चीज को पसंद नहीं करते तो आप उसे पाने के बारे में भी कभी नहीं सोचेंगे। 

इसी तरह यदि आप अमीर और कामयाब लोगों से नफरत करते हैं तो उनके जैसा बनने के बारे में भी कभी नहीं सोचेगें। इसलिए हमेशा दूसरे अमीर व कामयाब लोगों की प्रशंसा करें, उनसे प्रेम करें और उनके जैसा बनने के बारे में सोचें।

7. अमीर लोग हमेशा सफल और सकारात्मक सोच वाले लोगों के साथ रहते हैं। जबकि गरीब लोग नकारात्मक सोच वाले और असफल लोगों के साथ रहते हैं। कहते हैं कि एक जैसे पंखों वाले पक्षी एक साथ उड़ते हैं। यदि आप बाजों के साथ उड़ना चाहते हैं तो बाजों के साथ रहना शुरू करें। बतखों के साथ नहीं। 

यानी यदि आप अमीर व कामयाब होना चाहते हैं तो जो पहले से अमीर और कामयाब है उनके साथ रहे। नकारात्मक सोच वाले लोगों के साथ रहकर खुद को जहरीली ऊर्जा से संक्रमित ना करें।

8. अमीर लोग हमेशा अपने मूल्य का प्रचार करने के लिए तैयार रहते हैं। वह अपनी सेवाओं, अपने उत्पादों व अपने गुणों का खुलकर प्रचार करते हैं। जबकि दूसरी तरफ गरीब व्यक्ति खुद का प्रचार करने के बारे में नकारात्मक राय रखते हैं। वह सोचते हैं कि खुद की प्रशंसा करना, खुद के बारे में दूसरों को बताना बुरी बात होती है। 

इसलिए अगर आप अमीर बनना चाहते हैं तो अपने प्रोडक्ट्स, अपनी सेवाओं और अपने विचारों का जोश और उत्साह के साथ प्रचार करें।

9. अमीर लोग अपनी समस्याओं से ज्यादा बड़े होते हैं। जबकि गरीब लोग अपनी समस्याओं से ज्यादा छोटे होते हैं। अमीर लोग अपने रास्ते में आने वाली मुश्किलों का सामना करते हैं, उन पर विजय हासिल करते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। वे जितनी बड़ी समस्या से निबटते हैं, उतना ही बड़े बनते जाते हैं। जबकि गरीब लोग अपने मार्ग में आने वाली बाधाओं से जल्दी ही हार मान कर बैठ जाते हैं। 

कोई भी समस्या आपके लिए केवल तब तक ही बड़ी है, जब तक आप उसका सामना नहीं करते। जब आप उस समस्या से लड़कर, उससे जीत कर आगे बढ़ जाते हैं। तो वह समस्या आपको बहुत छोटी लगने लगती है यहां तक कि उसके बाद वह समस्या आपको समस्या लगती ही नहीं।

10. अमीर लोग हमेशा पाने के लिए तैयार रहते हैं। जबकि गरीब लोग खराब प्राप्तकर्ता होते हैं। अमीर लोगों के ज्यादा अमीर बनने और गरीब लोगों के ज्यादा गरीब बनने के पीछे एक अहम कारण यह भी है कि अमीर लोग अपना हिस्सा पाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। जबकि गरीब लोग सोचते हैं कि अगर यह मेरी किस्मत में होगा तो मुझे मिल ही जाएगा। इस कारण उनका हिस्सा किसी दूसरे इच्छुक व्यक्ति के पास चला जाता है। 

अमीर लोग कड़ी मेहनत करते हैं और यह उम्मीद करते हैं कि उनकी मेहनत और दूसरों को दिए गए मूल्यों के बदले उन्हें अच्छा पुरस्कार मिलना चाहिए। इसलिए आप भी हमेशा अच्छी चीजों को पाने की उम्मीद करें।

11. अमीर लोग उनके द्वारा किए गए कार्यों के परिणाम के एवज में पैसों का भुगतान पाने का विकल्प चुनते हैं। जबकि गरीब लोग अपने कार्यों के घंटों के आधार पर पैसों का भुगतान पाने का विकल्प चुनते हैं। आप अमीर बनना चाहते हैं तो अपनी आमदनी को सीमाओं में ने बांधे। अपने काम के रिजल्ट के आधार पर भुगतान ले। खुद के लिए काम करें। अपना खुद का बिजनेस शुरू करें। 

दुनिया के अधिकतर अमीर लोग अपने खुद के बिजनेस से अमीर बने हैं। इसलिए अगर आप अमीर बनना चाहते हैं तो अपने खुद के बिजनेस के बारे में सोचें। एक निश्चित तनख्वाह पर किसी दूसरे व्यक्ति के लिए काम करके आप कभी अमीर नहीं बन सकते।

12. अमीर लोग हमेशा दोनों के संदर्भ में सोचते हैं। जबकि गरीब लोग केवल ‘यह या वह’ के संदर्भ में सोचते हैं। यहां दोनों के संदर्भ से अभिप्राय है कि कई बार जीवन में ऐसी परिस्थितियां आ जाती है कि व्यक्ति को दो चीजों में से किसी एक को चुनना पड़ता है जैसे पैसा या खुशी, पैसा या प्यार, पैसा या परिवार आदि। 

इस तरह की परिस्थितियों में एक गरीब व्यक्ति केवल ‘यह या वह’ यानी दोनों में से कोई एक चीज के संदर्भ में ही सोचता है। लेकिन एक अमीर व्यक्ति सोचता है कि कैसे मैं इन दोनों को हासिल कर सकता हूं। इसलिए अमीर बनने के लिए ऐसी मानसिकता को अपनाना बहुत जरूरी है।

13. अमीर लोग हमेशा अपनी नेटवर्थ को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। जबकि गरीब लोग अपनी आमदनी को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। अमीर बनने का असली पैमाना आमदनी बढ़ना नहीं है, बल्कि नेटवर्थ बढ़ना है। अगर आपकी आमदनी बढ़ रही है तो जरूरी नहीं है कि आपकी नेटवर्थ भी बढ़ रही हो। हो सकता है कि आपकी आमदनी बढ़ने के बाद आपके खर्चे भी बढ़ जाए, जो कि ज्यादातर मामलों में होता भी है। 

इसलिए अगर आप भी अमीर बनना चाहते हैं तो अपनी आमदनी बढ़ाने के साथ साथ अपने खर्चों को भी कम करें और अपनी बचतों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाएं तथा साथ ही बचत किए गए पैसों को सही जगह निवेश भी करें, जिससे धीरे-धीरे आपके नेटवर्थ बढ़ने लगेगी और एक दिन आप अमीर हो जाएंगे।

14. अमीर लोग हमेशा अपने पैसों का सही और उचित प्रबंधन करते हैं। जबकि गरीब लोग अपने पैसों का खराब प्रबंधन करते हैं। एक अमीर और गरीब के बीच का सबसे बड़ा अंतर यही है कि वे अपने पैसों का प्रबंधन किस तरह करते हैं। अमीर लोग गरीबों से ज्यादा स्मार्ट नहीं होते, बस उनकी धन संबंधी आदतें गरीबों से अलग और ज्यादा कारगर होती हैं। 

एक अमीर व्यक्ति अपना पैसा उन चीजों को खरीदने में खर्च करता है जो उन्हें भविष्य में ज्यादा पैसा कमा कर दे। जबकि एक गरीब व्यक्ति अपना अधिकतर पैसा आराम की चीजें खरीदने, दिखावे और खाने-पीने पर खर्च करता है। 

ऐसा नहीं है कि अमीर लोग इन चीजों पर पैसा खर्च नहीं करते बल्कि वे इन चीजों को तब खरीदते हैं जब उनका निवेश किया गया पैसा और ज्यादा पैसा कमाना शुरू कर देता है। इसीलिए आप भी अपने पैसों का सही प्रबंधन शुरू करें। इस बात का ध्यान रखें कि आपको पैसा कहां खर्च करना है और कहां नहीं।

15. अमीर लोग स्मार्ट वर्क करते हैं। जबकि गरीब लोग हार्ड वर्क करते हैं। सिर्फ हार्ड वर्क करके आप कभी अमीर नहीं बन सकते। बल्कि अमीर बनने के लिए आपको स्मार्ट तरीके से काम करना होगा। ऐसा नहीं है कि अमीर लोग हार्ड वर्क नहीं करते, बल्कि अमीर लोग भी कड़ी मेहनत करते हैं।

 लेकिन अमीर लोग शुरुआत में ही कड़ी मेहनत करके कोई ऐसा सिस्टम या बिजनेस तैयार कर देते हैं जिसमें उन्हें केवल शुरुआत में ही मेहनत करनी पड़ती है बाद में नहीं और उन्हें वहां से लाइफ टाइम इनकम होती रहती है। 

अमीर लोग अपने पैसों से कड़ी मेहनत करवाते हैं। जबकि गरीब लोग पैसों के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। इसलिए आपको भी केवल तब तक कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी जब तक आपका पैसा आपके लिए कड़ी मेहनत ना करने लगे। आपका पैसा जितना ज्यादा काम करेगा आपको उतना ही कम काम करना पड़ेगा।

16. अमीर लोग डर और शंका होने के बावजूद भी काम करते रहते हैं। जबकि गरीब लोग डर व शंका होने पर काम करना बंद कर देते हैं। अमीर बनने के लिए डर से छुटकारा पाना जरूरी नहीं है। अमीरों के मन में भी डर होता है, शंकाए होती है, चिंताएं होती हैं लेकिन वह इनकी वजह से कभी रुकते नहीं है। 

अमीर बनने के लिए आपको अपने आरामदेह दायरे से बाहर निकलना होगा। अमीर बनने के लिए आपको वह सब काम करने के लिए तैयार रहना होगा, जो जरूरी है। चाहे फिर आपका मूड हो या ना हो। 

इंसान आदतों का गुलाम है। इसलिए आपको भी डर, चिंता,  असुविधा और अनिश्चितता के बावजूद काम करने की आदत डालनी होगी। अगर आप अमीर बनना चाहते हैं तो जानबूझकर अपने असुविधाजनक दायरे में जाने का अभ्यास करें, जिससे आपको डर लगता है।

17. अमीर लोग लगातार सीखने और विकास करने के लिए तैयार रहते हैं। जबकि गरीब लोग सोचते हैं कि वह पहले से ही सब कुछ जानते हैं। अगर आप अमीर नहीं हैं तो इस बात की काफी संभावना है कि आपको धन संबंधी बातों, आदतों और सिद्धांतों के बारे में ना पता हो। यानी आपको धन, सफलता और जीवन के बारे में काफी चीजें अब भी सीखनी है। 

सफलता एक ऐसी योग्यता है जिसे सीखा जा सकता है। कोई भी मां के पेट से सीख कर नहीं आता है। हर अमीर और सफल व्यक्ति ने पैसे के खेल में सफल होने का तरीका सिखा है। आप भी ऐसा कर सकते हैं।

मैंने आपको ये सभी बातें T Harv Eker की बेस्टसेलिंग बुक ‘Secret Of The Millionaire Mind’ से बताई है। उनकी इस बुक में पैसों सम्बन्धी और भी बहुत से ऐसे ही सिंद्धांत बताए गए है, जिहे जानकर और अपने जीवन में अपनाकर आप भी एक अमीर आदमी बन सकते हैं। 

इस ब्लॉग में आपने एक अमीर और गरीब के बीच की 17 आदतों के बारे में पढ़ा है। अमीरों की इन आदतों को अपनाकर आप भी अमीर बन सकते हैं। अमीर या सफल होना कोई किस्मत का खेल नहीं है। बल्कि अमीर और सफल बनना आपके निरंतर प्रयास और मेहनत पर निर्भर है। आप अमीर बनना सीख सकते हैं ।

Secret Of Millionaire Mind Book Summary In Hindi

अगर आप इस  पूरी बुक को पढ़ना चाहते है तो निचे दिए गए लिंक पर जाकर आप इसे खरीद सकते है।
https://amzn.to/33S1ipp

इनके बारे में भी पढ़ें -:

Read More -:

आपको मेरा यह ब्लॉग ‘जानिए अमीर लोग क्या सोचते हैं | Secret Of Millionaire Mind Book Summary In Hindi’ कैसा लगा, मुझे कमेंट करके बताएं।

अगर आपको मेरा यह ब्लॉग अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों को भी शेयर करें।

ताकि जो लोग जीवन में कुछ करना  चाहते है, कुछ बनना चाहते।  लेकिन जीवन की मुसीबतों के कारण हार मान कर बैठ गए है वे इस ‘Secret Of Millionaire Mind Book Summary In Hindi ‘ बुक के इन इन्स्पिरिंग थॉट्स से inspire हो सके, motivate हो सके।

 मेरे फेसबुक पेज पर जाकर इसे लाइक करें, लिंक नीचे दे दिया गया है।

https://www.facebook.com/successmatters4me-113401247074883

Add a Comment

Your email address will not be published.