माइकल जॉर्डन की जीवनी | Biography Of Michael Jordan in Hindi

“असफलता मुझे स्वीकार्य है क्योंकि हर एक को किसी ना किसी चीज़ में असफलता मिलती है। लेकिन मुझे यह स्वीकार्य नहीं की मैं कोशिश ही न करूँ। “

Michael Jordan

दोस्तों सफलता की इस Biography Of Michael Jordan in Hindi में आप एक ऐसे खिलाड़ी के बारे में पढ़ेंगे, जिन्होंने खेल की परिभाषा को ही बदल दिया। इस Great Person Biography in Hindi में आप जानेंगे कि कैसे एक गरीब पृष्ठभूमि से आए एक शख्स ने खेल जगत में नेशनल बॉस्केटबॉल एसोसिएशन के जरिए दुनिया भर में नाम कमाया।

यह Michael Jordan Biography in Hindi अमेरिका के मशहूर बास्केटबॉल खिलाड़ी माइकल जॉर्डन के बारे में है। माइकल जॉर्डन एक अमेरिकी बास्केटबॉल खिलाड़ी, एक सफल उद्यमी और मुख्य रूप से चार्लोट हौर्नेट्स ( पुराना नाम चार्लोट बॉबकैट्स ) नामक एक अमेरिकी व्यवसायिक बास्केटबॉल टीम के मालिक हैं। उन्हें उनके नाम के शुरुआती अक्षरों MJ के नाम से भी जाना जाता है। नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन में शिकागो बुल्स की तरफ से खेलते हुए उन्होंने कुल 6 चैंपियनशिप जीती है। माइकल जॉर्डन 15 NBA चैंपियनशिप खेल चुके हैं। 

अमेरिका के महान बास्केटबॉल खिलाडी माइकल जॉर्डन की जीवनी।

Biography Of Michael Jordan in Hindi

Biography Of Michael Jordan in Hindi

Michael Jordan के बारे में | About Michael Jordan

  • Michael Jordan का पूरा नाम क्या है? – माइकल जेफरी जॉर्डन ( Michael Jeffery Jordan )
  • Michael Jordan कहाँ के रहने वाले है? – अमेरिका ( United States of America )
  • Michael Jordan का जन्म कब हुआ था? – फ़रवरी 17, 1963 को।
  • Michael Jordan का जन्म कहाँ हुआ था? –  ब्रुकलिन, न्यूयॉर्क, अमेरिका ( Brooklyn, New York City, USA )
  • Michael Jordan के माता पिता का क्या नाम है? – माँ ( Mother ) – डेलोरिस जॉर्डन ( Deloris Jordan ) and पिता ( Father ) –  जेम्स आर. जॉर्डन (James R. Jordan Sr)
  • Michael Jordan कौन है? – बिजनेसमैन, निवेशक और पूर्व बास्केटबॉल खिलाडी।
  • Michael Jordan क्या काम करते है? – एक अमेरिकी पूर्व पेशेवर बास्केटबॉल खिलाड़ी और राष्ट्रीय बास्केटबॉल एसोसिएशन (NBA) के शार्लेट हॉर्नेट्स के मालिक और अध्यक्ष।
  • Michael Jordan की पहली पत्नी का क्या नाम है? – ( जुनीता वनोय ) Juanita Vanoy
  • Michael Jordan की दूसरी पत्नी का क्या नाम है? – ( यवेटे प्रीतो ) Yvette Prieto
  • Yvette Prieto कौन है? – यवेटे प्रीतो एक अमेरिकन मॉडल है
  • Yvette Prieto की ऐज कितनी हैँ? – 41 Years (March 26, 1979)
  • Yvette Prieto और Micheal Jordan के जुड़वाँ बच्चों का नाम – विक्टोरिया जॉर्डन और यसबेल जॉर्डन
  • Yvette Prieto की नेटवर्थ कितनी है? – $5 Million
  • Michael Jordan के कितने बच्चे है? – 5 बच्चे ( एक लड़की जैस्मीन एम. जॉर्डन और दो लड़के जेफ़री जॉर्डन और मार्कस जॉर्डन अपनी पहली पत्नी जुनीता वनोय से और दो जुड़वाँ बेटियाँ विक्टोरिया जॉर्डन और यशबेल जॉर्डन अपनी दूसरी पत्नी यवेटे प्रीतो से )
  • Michael Jordan की कुल संपत्ति ( Networth ) कितनी है? – 1.6 बिलियन डॉलर फोर्ब्स के ( 31/12/2020) आंकड़ों के अनुसार )
  • Michael Jordan की उम्र ( Age ) कितनी है? – 57 years ( 17 फरवरी, 2020 तक )

Michael Jordan का बचपन | The Childhood of Michael Jordan

माइकल जॉर्डन का जन्म 17 फरवरी 1963 में न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन शहर में जेम्स और डेलॉरेस जॉर्डन के चौथे बच्चे के रूप में हुआ था। माइकल के दो बड़े भाई, एक बड़ी बहन और एक छोटी बहन भी है। जब माइकल बहुत छोटे थे तो उनका पूरा परिवार ब्रुकलिन में हो रहे हिंसात्मक दंगों की वजह से ब्रुकलिन छोड़कर विल्मिंगटन, नॉर्थ कैरोलिना चला गया था।

माइकल के पिता जेम्स जॉर्डन एक सामान्य इलेक्ट्रिक प्लांट में सुपरवाइजर के रूप में काम करते थे। जबकि उनकी मां डेलॉरेस जॉर्डन एक बैंक में कार्य करती थी। माइकल के माता-पिता हमेशा उसे कठोर मेहनत करने की सलाह देते थे। माइकल की मां डेलोरिस ने तो छोटी सी उम्र में ही माइकल को कपड़े सीलना और लॉन्ड्री करना भी सिखा दिया था। माइकल की बचपन से ही खेलने में बड़ी रूचि थी। माइकल की इस रुचि को देखते हुए उनके पिता जेम्स जॉर्डन ने अपने घर के पिछले हिस्से में एक बास्केटबॉल कोर्ट बनवा दिया और माइकल को बास्केटबॉल खेलने के लिए प्रेरित किया। 

Michael Jordan का कॉलेज खेल करियर | Michael Jordan’s college sports career

माइकल के पिता ने उसे बताया कि कड़ी मेहनत ही हर सफलता की चाबी है। माइकल जॉर्डन जब हाई स्कूल की पढ़ाई कर रहे थे तो उन्होंने स्कूल की बास्केटबॉल टीम में भाग लेना चाहा, लेकिन वे असफल रहे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पूरी लगन से कड़ी मेहनत करते रहे। उन्हें उनकी मेहनत का फल मिला और अगले साल उनका चयन स्कूल की बास्केटबॉल टीम में हो गया। यह माइकल की कड़ी मेहनत और लगन का ही नतीजा था कि स्कूल टीम की तरफ से खेलते हुए नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी की तरफ से उन्हें एक स्कॉलरशिप भी मिल गई। 

अपनी हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 1981 में नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी में दाखिला ले लिया। कैरोलिना यूनिवर्सिटी की बास्केटबॉल टीम की तरफ से खेलते हुए पहले ही साल 1982 में उन्हें अटलांटिक कॉस्ट कॉन्फ्रेंस ऑफ द ईयर टाइटल से नामित किया गया। टीम ने एसीसी चैंपियनशिप जीती और माइकल जॉर्डन ने विनिंग शॉट के रूप में क्लिच जंप शॉट लगाते हुए नेशनल कॉलेजिएट एथलेटिक एसोसिएशन की चैंपियनशिप के लिए जार्जटाउन यूनिवर्सिटी को हराया। द सपोर्टिंग न्यूज़ ने माइकल जॉर्डन को अपने कॉलेज के दोनों साल कॉलेज प्लेयर ऑफ द ईयर नाम से सम्मानित किया। 

Michael Jordan का NBA खेल करियर | Michael Jordan’s NBA Sports Career

1984 में माइकल जॉर्डन को अपने कॉलेज की पढ़ाई को तीसरे साल में ही बीच में छोड़ना पड़ा जब उन्होंने नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (NBA) को ज्वाइन कर लिया। एनबीए में खेलते हुए 1984 में शिकागो बुल्स टीम ने उन्हें चुन लिया। इस समय तक शिकागो बुल्स को एक हारी हुई टीम माना जाता था। लेकिन माइकल जॉर्डन ने खुद को साबित करते हुए एनबीए के 1984 – 1985 सीजन में खेलते हुए शिकागो बुल्स को प्लेऑफ तक लेकर गए। उस सीज़न में माइकल ने 28.2 प्वाइंट्स प्रति गेम बनाएं। एनबीए के उस सीज़न में उनके प्रयासों के लिए माइकल को एनबीए रुकी ऑफ द ईयर अवार्ड मिला और उन्हें ऑल स्टार गेम के लिए भी चुना गया।

इसके अलावा 1984 में ही माइकल जॉर्डन ने यूएस बास्केटबॉल टीम का नेतृत्व करते हुए लॉस एंजेल्स समर ओलंपिक्स खेला और उस वर्ष उनकी टीम ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता भी रही।

एनबीए कि अगले सीजन 1985-86 में शिकागो बुल्स की तरफ से ही खेलते हुए एक गेम के दौरान उनके बाएं पैर में चोट लग गई जिसकी वजह से वह उस सीज़न के 64 गेम नहीं खेल पाए। लेकिन इसके बावजूद भी उनकी टीम प्लेऑफ में जगह बनाने में कामयाब रही और प्लेऑफ खेलों से पहले ही माइकल जॉर्डन भी अपनी चोट से उबरने में कामयाब हो गए।

अपनी चोट से उबरने के बाद पहले ही प्लेऑफ गेम मैं उन्होंने अपना पूरा दमखम लगा दिया और पहले ही गेम में बोस्टन सेल्टिक्स के खिलाफ खेलते हुए 49 पॉइंट्स स्कोर किए, जबकि दूसरे गेम में 64 पॉइंट्स स्कोर किए, जोकि एनबीए प्लेऑफ के इतिहास में किसी खिलाड़ी द्वारा किसी भी गेम में किया गया सर्वश्रेष्ठ और रिकॉर्ड स्कोर था। हालांकि इस सीजन 1985-86 में माइकल जॉर्डन की टीम शिकागो बुल्स ट्रॉफी जीतने में असफल रही और बोस्टन सेल्टिक्स ने फाइनल पर कब्जा करते हुए एनबीए ट्रॉफी जीती।

एनबीए के 1986-87 सीजन में माइकल जॉर्डन ने अपनी पूरी फॉर्म में खेलते हुए 3000 पॉइंट्स स्कोर किया। एनबीए के इस सीजन में 3000 पॉइंट्स स्कोर करने वाले वे एकमात्र खिलाड़ी थे। हालांकि उनकी टीम शिकागो बुल्स, प्लेऑफ गेम तक ही पहुंच पाई। बोस्टन सेल्टिक्स इस बार भी एनबीए की विजेता रही। एनबीए का यह सीजन माइकल जॉर्डन की व्यक्तिगत उपलब्धि के हिसाब से महत्वपूर्ण सीजन रहा। हालांकि इस अद्भुत प्रदर्शन के बावजूद भी माइकल जॉर्डन मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर का खिताब हासिल नहीं कर पाए।

एनबीए के 1987-88 सीजन में माइकल जॉर्डन ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा और इस सीजन में उन्होंने मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर और डिफेंसिव प्लेयर ऑफ द ईयर खिताब भी हासिल किया। एनबीए के 1988-89 और 1989-90 सीजन में माइकल के जबरदस्त प्रदर्शन के बूते टीम फाइनल तक पहुंची। इन दोनों ही सीजन में माइकल जॉर्डन ने टीम का नेतृत्व भी किया। माइकल जॉर्डन के साथ टीम लगातार नई-नई उपलब्धियां हासिल कर रही थी।

शिकागो बुल्स के इतिहास में एक समय ऐसा था जब इसे एक हारी हुई टीम माना जाता था। लेकिन माइकल जॉर्डन के टीम में शामिल होने के बाद लोग टीम को पसंद करने लगे थे और सबसे ज्यादा वह टीम में माइकल जॉर्डन के खेल को पसंद करते थे। इस समय तक आते-आते माइकल जॉर्डन के प्रशंसकों की संख्या काफी बढ़ चुकी थी और वे काफी मशहूर हो चुके थे। लेकिन माइकल इस चकाचौंध में नहीं फंसे और उनका शानदार खेल जारी रहा। 

एनबीए के 1990-91, 1991-92 और 1992-93 में माइकल के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत शिकागो बुल्स ने लगातार तीनों सीजन में खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही Michael Jordan तीनों सीजन मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर भी रहे।

इसके अलावा 1992 में ही वे एक ओलंपिक टीम का हिस्सा भी रहे, जिसने गोल्ड मेडल जीता। इस तरह वे अब तक दो बार ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता टीम का हिस्सा रह चुके हैं।

Michael Jordan का प्रथम बार सन्यास | Michael Jordan’s retirement for the first time

1993 में जब माइकल जॉर्डन अपने करियर के सबसे सर्वश्रेष्ठ दौर में थे, तभी वे गैंबलिंग के विवादों में फंस गए। हालांकि उन्होंने बाद में स्वीकार भी किया कि हालातों के वशीभूत होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

इस घटना के कुछ समय बाद ही एक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। जब दो नाबालिग बच्चों ने एक लूटपाट की घटना को अंजाम देने के लिए माइकल जॉर्डन के पिता जेम्स जॉर्डन से उनकी कार छीनने के लिए उन पर गोली चला दी। जिसकी वजह से माइकल के पिता की मौत हो गई। उनकी मौत के 11 दिनों बाद उनकी लाश मिली। वहां की मीडिया ने इस घटना के लिए माइकल की गैंबलिंग की लत को जिम्मेदार ठहराया।

इस घटना ने माइकल जॉर्डन को अंदर तक हिला दिया। वे अंदर तक टूट चुके थे। सबसे ज्यादा उन्हें इस बात का बुरा लग रहा था कि सभी उनके पिता की मौत का जिम्मेदार उन्हीं को मान रहे थे। अपने ऊपर लगे इन आरोपों को वो बर्दाश्त नहीं कर पाए और उन्होंने 6 अक्टूबर, 1993 को बास्केटबॉल से संन्यास लेने का फैसला कर लिया और इस तरह से एक अद्भुत खिलाड़ी के खेल कैरियर का अंत हो गया। बास्केटबॉल से संन्यास लेने के बाद माइकल जॉर्डन ने बेसबॉल की तरफ रुख किया और उन्होंने शिकागो लीग बेसबॉल का कांटेक्ट साइन किया

Michael Jordan की retirement से वापसी | Michael Jordan’s return from retirement

माइकल जॉर्डन का बेसबॉल में अनुभव बहुत खराब रहा और उन्होंने लगातार कई मैच हारे। जबकि दूसरी तरफ शिकागो बुल्स भी माइकल जॉर्डन के संन्यास के बाद एनबीए के 1993 – 94 सीजन में प्लेऑफ के दूसरे ही दौर में बाहर हो गई। माइकल जॉर्डन ने महसूस किया कि वे बेसबॉल के लिए बने ही नहीं, बल्कि वे बास्केटबॉल खेलने के लिए ही पैदा हुए हैं। 1994-95 के एनबीए सीजन से पहले ही उन्होंने सन्यास से वापस आने की घोषणा की और वे दोबारा से शिकागो बुल्स का हिस्सा बन गए। 

हालांकि डेढ़ साल तक कोर्ट से बाहर रहने के कारण मीडिया और लोगों में यही चर्चा थी कि माइकल जॉर्डन में अब वह बात नहीं रही, जो पहले थी। लेकिन माइकल जॉर्डन ने सभी को गलत साबित किया और एनबीए चैंपियनशिप के 1994-95 सीज़न में टीम को सेमीफाइनल तक लेकर गए।

हालाँकि अपनी इस परफॉर्मेंस से माइकल संतुष्ट नहीं थे। वे पहले वाली फॉर्म हासिल करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। वे दिन-रात प्रैक्टिस करते रहते थे। इसी कड़ी मेहनत, लगन और लगातार अभ्यास की बदौलत 1995-96 चैंपियनशिप में अपनी टीम शिकागो बुल्स को अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के दम पर एक बार फिर से विजेता का खिताब दिलवाया। 

माइकल जॉर्डन दोबारा से उसी लय में आ चुके थे और उनका यह अद्भुत प्रदर्शन लगातार जारी रहा। 1996-97 और 1997-98 एनबीए चैम्पियनशिप ने भी माइकल जॉर्डन के शानदार प्रदर्शन के बूते टीम ने फाइनल का खिताब जीता और दोनों सीजन में शिकागो बुल्स टीम ने NBA Championship ट्राफी अपने नाम की। इसके अलावा Michael Jordan ने भी लगातार दोनों सीज़न मोस्ट वैल्यूएबल प्लयेर का खिताब अपने नाम किया और कुल 4 मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर खिताब जीतकर, मैजिक जॉनसन के 3 मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर का रिकॉर्ड भी तोड़ा।

Michael Jordan का दूसरी बार संन्यास | Michael Jordan retires for the second time

जनवरी 1999 में माइकल जॉर्डन ने दोबारा से अपने खेल कैरियर को अलविदा कहा और बास्केटबॉल से संन्यास ले लिया। सभी यही सोच रहे थे कि शायद अब इस अद्भुत खिलाड़ी को खेलते हुए देखना दोबारा कभी नसीब ना हो। लेकिन सन 2000 में वे एनबीए में दोबारा से लौटे। इस बार वे अपनी खुद की टीम वाशिंगटन विजार्ड बास्केटबॉल टीम के आंशिक हिस्सेदार और प्रेसिडेंट के रूप में एनबीए में शामिल हुए। यह एनबीए में उनका नया अवतार था। 

25 सितंबर 2001 को उन्होंने दूसरी बार सन्यास से वापसी की घोषणा की। सन्यास से वापसी के बाद उन्होंने एनबीए के 2 सीजन खेले 2001-02 और 2002-03 । इस बार वे शिकागो बुल्स की तरफ से नहीं बल्कि अपनी खुद की टीम वाशिंगटन विजार्ड की तरफ से खेल रहे थे। वे दोनों ही सीजन में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए और 2002-03 में उन्होंने अपना अंतिम एनबीए ऑल स्टार गेम खेला, जिसमें उन्होंने अब्दुल जब्बर के ऑल टाइम लीडिंग स्कोरर के रिकॉर्ड को तोड़ा।

2002-03 की एनबीए चैंपियनशिप के बाद माइकल जॉर्डन ने हमेशा के लिए बास्केटबॉल को अलविदा कह दिया।

Michael Jordan की खेल उपलब्धियां | Sports achievements of Michael Jordan

माइकल जॉर्डन खेल जगत का वह सितारा है जो कभी अस्त नहीं हो सकता। अपने 19 साल के व्यवसायिक खेल कैरियर में माइकल जॉर्डन ने अपने अद्भुत खेल प्रदर्शन के दम पर ढेर सारे अवार्ड और उपलब्धियां हासिल की हैं। माइकल जॉर्डन ने नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन के 15 सीजन खेले हैं जिनमें से शिकागो बुल्स की तरफ से खेलते हुए छह में एनबीए चैंपियनशिप खिताब हासिल किया है। सबसे तेज स्कोरिंग ( 30.12 पॉइंट प्रति गेम ) और सबसे ज्यादा प्लेऑफ स्कोरर ( 23.45 प्वाइंट प्रति गेम ) का रिकॉर्ड भी माइकल जॉर्डन के नाम ही है। इसके अलावा उन्होंने निम्न खिताब और उपलब्धियां हासिल की है।

  • 4 times ‘Most Valuable Player’ Award’
  • 10 times ‘All NBA first team designation’
  • 9 times ‘All defensive first-team honors’
  • 14 times ‘NBA all-star game appearances’
  • 3 times ‘all-star game MVP awards’
  • 10 times ‘scoring titles’
  • 6 times ‘NBA finals MVP awards’

इसके अलावा उन्होंने 1988 में ‘NBA Defensive Player of the year award’ भी मिला था।

Michael Jordan की फैमिली लाइफ | Family life of Michael Jordan

सितंबर 1989 में, माइकल जॉर्डन ने जुनिता वनोय के साथ शादी की। उनके दो बेटे, जिनका नाम जेफरी जॉर्डन और मार्कस जॉर्डन और एक बेटी जैस्मीन जॉर्डन है।

2002 के अंत में, उन्होंने तलाक के लिए अर्जी दी, लेकिन मामला बहुत जल्द खारिज हो गया। दुर्भाग्य से कुछ समय बाद, फिर से उन्होंने तलाक के लिए अर्जी दी और इस बार 29 दिसंबर, 2006 में अदालत ने तलाक को मंजूरी दे दी थी। तलाक के लिए दंपति ने उल्लेख किया कि निर्णय “परस्पर और सौहार्दपूर्ण” किया गया था।

माइकल जॉर्डन ने तलाक के बाद 2007 में एक अमेरिकी मॉडल यवेटे प्रीतो ( Yvette Prieto ) से शादी कर ली । वे दोनों पहली बार मियामी के एक क्लब में डांसफ्लोर पर एक-दूसरे से मिले थे। 2009 में, अपनी मुलाक़ात के एक साल बाद ही वे एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा घुलमिल गए थे और चार साल की डेटिंग के बाद, आखिरकार जॉर्डन ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा, और इस जोड़े ने फ्रेंच रिवेरा पर अपने नए रिश्ते की पुष्टि की और अंत में, इस जोड़े ने 2013 में शादी कर ली। फरवरी 2014 में, यवेटे ने जुड़वां बेटियों, यस्बेल जॉर्डन और विक्टोरिया जॉर्डन को जन्म दिया। 

Michael Jordan की टोटल नेट वर्थ | Michael Jordan’s Total Net Worth

  • 31/12/2020 के फोर्ब्स पत्रिका के आंकड़ों के अनुसार माइकल जॉर्डन की कुल सम्पति 1.6 बिलियन डॉलर्स है। 
  • उनके खेल करियर के दौरान उनका कुल खेल वेतन 90 मिलियन डॉलर था, लेकिन उन्होंने कॉरपोरेट भागीदारों से 1.8 बिलियन डॉलर ( कर-पूर्व ) अर्जित किए हैं।
  • जॉर्डन ने 2010 में शेर्लोट होर्नेट्स में एक बड़ी हिस्सेदारी खरीदी थी, जिसकी कुल कीमत 175 मिलियन डॉलर थी।
  • सितंबर 2019 में जॉर्डन शेर्लोट होर्नेट्स में आंशिक हिस्सेदारी बेचने के लिए सहमत हुए, जिसका मूल्य 1.5 बिलियन डॉलर था।

माइकल जॉर्डन बास्केटबॉल खेल जगत के वह अद्भुत खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने बास्केटबॉल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, उन्होंने बास्केटबॉल को नए मुकाम दिए है। यह सब माइकल की कड़ी मेहनत, लगन और साहस के दम पर ही संभव हो पाया है। जब कोई व्यक्ति अपनी पूरी लगन से अपने लक्ष्य की तलाश में जुट जाता है और असफलता को आने से इंकार कर देता है तो उसका जीतना तय है।

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